Holi Poem in Hindi Language (FONT)

BEST POEM ON HOLI IN HINDI FONT OR LANGUAGE

बिगुल बजा, मौसम बदला तो फागुुन की बयार संग होली ।
मौसम के बदले मिज़ाज में सबकी टोपी उलटी होली ।

सत्ता की गलियों में गुपचुप गु़ड़गुड़ करती चुगली होली ।
निज हित में लिपटे मैले उधड़े चेहरों की टोली होली ।

सुन्दर फूल खिलें अब कैसे? खेत-खेत में कीचड़ होली ।
जिस उपवन को हाथ संवारे उससे भी अब दहशत होली

कैसे, कितना गंद बुहारूं गुस्से में अब झाड़ू होली ।
वादों से हैं आप तो पलटे पर अपनी सूरत गधे सी होली ।

खुलकर जुआ मैदानों में निर्लज्ज छिछोरी बाजी होली ।
दंगल की भी जगह बदल गई कुश्ती अब संसद में होली ।

रिसती जाती मर्यादा और सारी सोच नपुंसक होली ।
बदलोगे कितने रंग, देह तुम्हारी अब तो भद्दी होली ।

भटके राही सी किस्मत फिर-फिर चौराहे पर होली ।
बिसराओ, पर भूलो न कुछ मिलकर खूब जलाओ होली ।
दिल से नहीं, समझ से समझो डटकर खूब मनाओ होली ।

 

 

होली पर निबंध – Holi Essay in Hindi

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